54+ Memorable School Shayari in Hindi

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1- समझदारी के नहीं वो फितूर के दिन थे, खुशियों से भरे वो स्कूल के दिन थे।

2- खुराफाती सर पर और कन्धों पर बस्ता था, वो स्कूल का ही समय था जब मैं जी खोल कर हसता था।

3- दिन एक दफा जो स्कूल के फिर से मिल जाएंगे, ये मुरझाए जवानी के चेहरे एक दफा फिर से खिल जाएंगे।

4- वो स्कूल की दुनिया थी जहाँ सब कुछ हसीन था, ना खबर रात की होती थी और ना डर रहता था किसी दिन का।

5- वो चेहरे की मुस्कराहट और कपड़ों पर लगी धुल लौटादो, ये महंगे कपड़े छोडो मुझे मेरा स्कूल लौटादो।

6- वो स्कूल नहीं खुशियों का खज़ाना था, जिसका काम हमारे बचपन को सजाना था।

7- बस दोस्ती और दोस्तों से उधारी के दिन थे वो दिन भी क्या दिन थे।

8- पीछे की सीट और मैदान पर नज़र रखते थे, किताबों से ज्यादा हम मैदान पर नज़र रखते थे।

9- छोड़ दिया इश्क़ फरमाना हमने, छोड़ दिया है जब से स्कूल जाना हमने।

10- दोस्तों के कन्धों पर हाथ और हम सब के कन्धों पर बास्ते, कट गया यूँ ही स्कूल का सफर हँसते-हँसते।

11- वो कागज़ की कश्तियाँ ही हमारा जहाज़ थी, स्कूल के समय कल की फ़िक्र नहीं थी जो थी ज़िन्दगी आज थी।

12- जिस स्कूल में जाने के लिए मैं रोया करता था आज वही दिन सबसे हसीन नज़र आते हैं मुझे।

13- पढ़ेंगे नहीं चाहे मास्टर जी कितना ही मार लें ऐसा उसूल था, वो दौर ऐ-जन्नत मेरा स्कूल था।

14- आँखे नम और जुबां मुस्कुराने लगती है, जब भी कभी मुझे स्कूल की याद आने लगती है।

15- ज़िन्दगी स्कूल में हुआ करती है अब तो बस कट रही है।

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16- जाने क्यों बहाने बनाता था मैं स्कूल ना जाने के लिए इस बार अगर मौका मिल जाए तो रविवार को भी हंसी ख़ुशी चला जाऊं।

17- आज बारिश तो हुई स्कूल ना जाने का बहाना बनाने के लिए, बस वो प्यारा स्कूल नहीं था मेरे पास जाने के लिए।

18- यकीन नहीं होता उस छोटी सी क्लास में कितनी हसीन यादें बना ली हमने, ये कहाँ बड़े ऑफिस के कमरों में अपनी अब दुनिया बसा ली हमने।

19- जब-जब गम सताने लगता है ये दिल खुद ब खुद ही सचुल के हसीन पल दूसरों को बताने लगता है।

20- याद है वो 12th के बोर्ड का आखिरी इम्तेहान, जब मिले थे आखिरी दफा वो मेरे दोस्त मेरी जान।

School Life and friendship School Shayri

21- उस वक़्त चाहते थे की कब इस छोटी सी क्लास से निकल कर आज़ाद घूमूं, आज दिल फिर हमेशा के लिए उस क्लास में उन्ही दोस्तों के साथ कैद होना चाहता है।

22- जहाँ बस मुस्कुराहटें थी और हर दर्द था बेअसर, वो स्कूल था मेरे बचपन का दूसरा घर।

23- वो दिन जब स्कूल में मेरा lunch खाली हो जाता था, मेरे दोस्त का lunch फिर मेरे लिए थाली हो जाता था।

24- वो दिन और थे जब शोर मचाकर स्कूल में ख़ुशी ज़ाहिर करते थे, अब तो गम भी इस दिल के किसी कोने में दबा कर रखते हैं।

25- अब रविवार तो आता है पर वो आज़ादी महसूस नहीं होती जो स्कूल के दिनों में महसूस हुआ करती थी।

26- वो Morning Prayer में ना जाना और पकड़े जाने पर बिमारी का बहाना बनाना, याद है मुझे स्कूल का हर पल वो सुहाना।

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27- ऐ-ज़िन्दगी चल मुझे आज एक तौहफा दे, मुझे फिर स्कूल यूनिफार्म पहना कर एक बार फिर स्कूल जाने का मौका दे।

28- सोचता था बड़ा हसीन होगा वो पल जब स्कूल ख़तम होगा, सोचा ना था उसके बाद ज़िन्दगी का हर पल सितम होगा।

29- आज ये सारे महंगे कपड़े, ये कोट, ये महंगे जूते स्कूल की उस सफ़ेद शर्ट के आगे फीके लगते थे।

30- स्कूल का वो आखिरी दिन था जब आँखों में आंसू थे और हमारा चेहरा पहली दफा मुस्कुराहट बिन था, समझ गए थे अब सब अजनबी हो जाएंगे बड़ा खट्टा मीठा सा वो आखिरी दिन था।

31- पूरी स्कूल लाइफ सोचे रहे आखिर कब ये आखिरी दिन आएगा और जब आखिरी दिन सामने आया तो उस आखिरी दिन का सामना करने की हिम्मत नहीं आई और सोचा की आखिर क्यों ये आखिरी दिन आया।

32- 12 साल का हुआ करता था जब सोचता था आखिर कब ज़मानत मिलेगी इस जेल से, आज 12 साल बाद समझ आ रहा है वो जन्नत थी और ये ऑफिस जेल है।

33- स्कूल के वक़्त भरी दोपहरी में नाप लिए करते थे पूरा मोहल्ला अब जब से डिग्रियां आ गई है ना जाने क्यों सबके पावं जलने लगे है।

34- कैसे भुला दू उन रास्तो को जिनपे मैंने अपना बचपन बिता दिया आज भी जब उन, रास्तो से मिलता हूँ लगता हैं फिर मैं स्कूल चल दिया।

35- जो दोस्त कहते थे बिछड़ेंगे ना हम कभी, आज ना जाने किस कोने में दुनिया के अनजान बने बैठे हैं सभी।

36- आज भी जब याद करता हूँ स्कूल के दोस्तों को, आँखे नम हो कर और होंठ मुस्कुरा कर उन दिनों की ख़ूबसूरती को बखूबी बयान करते है।

37- वैसे तो मैं अक्सर सब कुछ भूल जाय करता हूँ ,पर स्कूल के दिनों में बीता हर दिन मुझे काफी अच्छे से याद है।

38- जब भी कोई गम ज्यादा सितम करता है स्कूल के दिनों में फिर से लौट जाऊं मन करता है।

39- एक वक़्त था जब सुबह स्कूल जाने का वक़्त क्या है याद नहीं आता था और एक अब है की स्कूल का वक़्त याद आता रहता है।

40- स्कूल के दिनों में खुराफात मचाने के plan बनाते थे, और एक ये जवानी का दौर है एक दूसरे से मिलने से पहले भी plan बनाना पड़ता है।

बचपन की स्कूल की यादें शायरी

41- बचपन की स्कूल की यादे आज भी मुझे आती है, जब भी आती हैं कम्भख्त आँखों से आशू जरूर टपकाती है।

42- वो यादे मुझे आज भी याद है, जब अपने दोस्तों के साथ मैंने स्कूल में बंक मारे थे।

43- वक्त इतनी तेज़ी से बीता की कब अपना स्कूल का दौर ख़त्म हुआ और कब हम जॉब पर लग गए पता ही नहीं चला।

44- आज जब भी मुझे मेरे स्कूल के दोस्त मिलते है ना जाने क्यों उनसे गले मिलने को मेरे कदम बढ़ते है।

45- ना carrer के टेंशन थी और ना ही घर-बार की बस जिंदगी के मजे लेते थे जब हम स्कूल में पढ़ते थे।

46- शायद फिर वो तकदीर मिल जाये जिन्दगी के वो हंसी पल मिल जाये , चल फिर से बैठे वो क्लास की लास्ट बेंच पर , शायद फिर से वो पुराने दोस्त मिल जाये।

47- काश मेरे हाथों टाइम मशीन लग जाये, खुदा कसम इस दौर में आने की कभी जिंदगी में भी नहीं सोचूंगा।

48- क्लास मे मस्ती थी ,हमारी भी हस्ती थी टीचर की नजर थी क्योकि दिल ये अवारा था , कहाँ फंस गये जिन्दगी के चक्कर में , वो स्कूल लाइफ ही कितना अच्छा था ।

49- वो स्कूल के दिन भी क्या दिन थे , जहाँ सिर्फ लड़कियो के तीन ही नाम होते थे।

50- फिर भी हरकतो मे कोई सुधार नही होना । ये थी अपनी स्कूल लाइफ ।

51- कॉलेज , यूनिवर्सिटी सब फिजूल की बाते है , दिल को जो सूकून देती है वो तो स्कूल की यादे है ।

52- मेरे स्कूल की वो शरारत जिसमे हम बच्चे स्कूल की छूट्टी का पूरे दिन इंतजार करते थे , और छुट्टी होती तो घर जाते समय रास्ते मे खेलते – कूदते मौज करते जाते थे ।

53- स्कूल के दोस्त कितने भी कमीने हो , स्कूल खत्म होने के बाद उनकी यादे बहुत आती है ।

54- स्कूल में बिताया हुआ हर एक लम्हा मुझे आज भी बखूभी याद है, उस लम्हे फिर से वापस जाने को मेरा दिल फिर से तैयार है।

55- कितना भी पार्टी म्यूजिक कर लो पर… जो खुशी क्लास मे टीचर के ना रहने पर शोर करके मिलती थी वो अब कही नही मिलती ।

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