Aap Ki Khushi Ke Liye Shayari

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1- पूछा ना करो की क्या कर सकता हूँ ख़ुशी के लिए आपकी,मर सकता हूँ मैं।

2- अगर मेरी ख़ुदकुशी में ही तेरी ख़ुशी है, तो तेरी ख़ुशी में ही मेरी ख़ुशी है।

3- मैं कुछ देर दुःख में इस वजह से भी रह गया, की उसे मुझे दुःख में देख कर ख़ुशी मिल रही थी।

4- पूछ मत कहाँ कहाँ नहीं भटके ख़ुशी के लिए मगर ख़ुशी मेरी तेरी मुस्कराहट में नज़र आई।

5- यूँ ही नहीं तुझे खुश मैं रखता हूँ, मैं भी खुश रहता हूँ तेरे खुश रहने से।

6- जो मिला न पता मुझे ख़ुशी का तेरी मेरी ख़ुशी भी फिर लापता हो जाएगी।

7- मोहोब्बत चार दिन रही ज़िन्दगी में, चार दिन का असर रहा ज़िन्दगी भर।

8- जो पूछले खुदा की कायनात में मैं क्या कुछ रखना चाहता हूँ, बेझिझक बता दूंगा उसे मैं तुझे खुश रखना चाहता हूँ।

9- दवा ढूंढ रहा था जख्म मिल गया, ख़ुशी ढूंढ रहा था गम मिल गया।

10- ख्याल रखता हूँ तेरी ख़ुशी का ख्यालों में भी, ख्वाबों में भी तुझे खुश रखने का ख़्वाब देखता हूँ।

11- पुछा एक दिन एक शख्स ने मुझे क्या मिलता है तुझसे मिल कर मुझे, मैं एक लफ्ज़ में कहा ख़ुशी।

12- मैं चुप सुनता रहूँ तो जो कुछ भी कहे, मैं रहूँ या ना रहूँ बस तू खुश रहे।

13- खामोश रह जाता हूँ बस तुम्हारी ख़ुशी के लिए सनम, मगर ये मत समझना की बेज़ुबान हूँ मैं।

14- बड़े सस्ते में लूट लेती है दुनिया उसे जिसे खुद की क़ीमत का अंदाजा नहीं होता।

15- बड़ी कोशिशें कामियाब नन्हे क़दमों से होती है, सारे जहाँ की खुशियां अपनों से होती है।

16- दुआओं पे हमारे ऐतबार रखना दिल में अपने ना कोई सवाल रखना देना चाहते हो अगर खुशियां हमें बस आप खुश रहना अपना ख्याल रखना

17- मैं बद-नसीब हूँ मुझ को न दे ख़ुशी इतनी कि मैं ख़ुशी को भी ले कर ख़राब कर दूँगा

18- जीने की उसने हमे नई अदा दी है खुश रहने की उसने दुआ दी है ऐ खुदा उसको खुशियाँ तमाम देना जिसने अपने दिल मे हमें जगह दी है

19- बस इतनी सी बात है, तुम साथ होते हो जब मेरे, खुश तो रहते है गम मेरे, तुम शामिल होती हो मेरी हर बात में, ऐसे ख़ास नहीं है सब मेरे।

20- आपकी पसंद हमारी चाहत बन जाये आपकी मुस्कान दिल की राहत बन जाये खुदा खुशियों से इतना खुश कर दे आपको कि आपको खुश देखना हमारी आदत बन जाए

21- ख़ुशी कहाँ हम तो गम चाहते हैं ख़ुशी उसको दे दो जिसको हम चाहते हैं।

22- ख़ुशी की आँख में आँसू की भी जगह रखना बुरे ज़माने कभी पूछकर नहीं आते।

23- मुझे ख़बर नहीं ग़म क्या है और ख़ुशी क्या है ये ज़िंदगी की है सूरत तो ज़िंदगी क्या है।

24- जब भी उनकी गली से गुजरते हैं मेरी आँखें एक दस्तक दे देती हैं दुःख ये नहीं वो दरवाजा बंद कर लेते हैं खुशी ये है वो मुझे पहचान लेते हैं

25- उसके हाथों का खिलौना ही सही खुश हूँ मैं कुछ देर के लिए ही सही मुझे चाहता तो है।

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