Samandar Shayari

Samandar Shayari

1- एक दिन कुछ ऐसा कर दिखाऊंगा, समंदर की लेहरो की तरह अपनी ऊँची पहचान बनाऊंगा।

2- वो मेरी जिंदगी में समंदर की लेहर बनकर आयी और अचानक मेरी जिंदगी को तहस-नहस कर के चली गयी।

3- उनके इश्क़ के समंदर में हम कुछ इस तरह बहते चले गए की अब हम उनके दिल के सबसे करीब पहोंच हए।

4- दर्द का समंदर जब जिंदगी में आता है तब हस्ती खेलती जिंदगी का तेहश-नहस होना तय होता है।

5- समंदर में डूब मरने का मन होता है जब अपनों का हमें धोका देना होता है।

6- इस दिल को तब सबसे ज्यादा सुकून मिलता हैं जब ये समंदर किनारे खड़ा होता हैं।

7- तेरी यादो का समंदर कुछ इस तरह आता हैं मेरी जिंदगी में की मेरी चेहरे की हंसी को बहा ले जाता है।

8- समंदर से मैंने एक सीख ली है की चाहे रास्ते में कितनी भी अड़चने हो लेकिन चलते रहना मत छोड़ना।

9- मेरी जिंदगी में मत आना तुम, वरना तुम भी मेरे आंसुओं के समंदर में बह जाओगी।

10- समंदर और ख़्वाहिशें जितना देखो उतना दूर नज़र आती है, लहरों से न लड़के किनारे पे बैठे रहना जीत से पहले की हार नज़र आती है।

11- समंदर की लहरें तब तक शांत रहती हैं जब तक उनके अंदर तूफ़ान नहीं उठता ठीक उसी तरह एक इंसान भी तभी तक शांत रहता हैं जब तक उसके अंदर कुछ कर दिखाने का तूफ़ान नहीं उठता।

12- मुझ समन्दर को अगर कोई एक किनारा मिल जाए तो जिंदगी थोड़ी बेहतर हो जाये।

13- वो समंदर की लहरें तब तक शांत रहती है, जब तक उनमे कुछ हल चल पैदा नहीं होती है।

14- दिल मेरा समंदर सा हैं सभी गमो को अपने अंदर समा लेता है।

15- तेरे जाने के बाद अब हमारा क्या होगा, अपने दिल को हमें तन्हाइयों के संग सुलाना होगा।

16- मेरे जुनूँ का नतीजा ज़रूर निकलेगा। इसी सियाह समंदर से नूर निकलेगा।

17- समंदर ने कहा मुझको बचा लो डूबने से। मैं किनारे पे समन्दर लगा के आया हूँ।

18- अधूरी रहें इश्क की दास्तान वहीं चाहत कहलाती है समंदर से मिलनें के बाद तो नदी भी समंदर कहलाती है।

19- कह दो समुद्र से की लहरों को संभाल कर रखे जिंदगी मैं तूफ़ान लाने के लिए मेरा दिल ही काफी है।

20- बड़े लोगो से मिलने में हमेशा फासला रखना जहाँ दरिया समंदर में मिला दरिया नहीं रहता।

21- ये अश्के आरज़ू हैं बहेंगे इसी तरह ये वो नदी नहीं जो बढ़ी और उतर गई।

22- तू समंदर है तो क्यूँ आँख दिखाता है मुझे, ओस से प्यास बुझाना अभी आता है मुझे।

23- हादसे कुछ दिल पे ऐसे हो गए हम समंदर से भी गहरे हो गए।

24- तूफानी लहरों को देखकर नाव नहीं बदलते, जिनमें दम होता है वो जिंदगी के चुनौतियों से है लड़ते।

25- बस यही सोच कर हर मुश्किल से लड़ता रहा हूँ धूप कितनी भी तेज़ हो समन्दर नहीं सूखा करते।

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