61+ Sad Matlab Shayari – (स्वार्थी लोगो पर शायरी)

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Matlab shayari
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1- इंसानियत नहीं मिला पाती लेकिन दो इंसानों को मतलब मिला देता है।

matlab ki duniya shayari
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2- वक़्त नहीं तो ना सही किसी मतलब से ही सनम हमसे मिल लिया करो।

matlab ki duniya shayari
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3- भरोसा यूँ ही बदनाम है ये तो मतलब है जिस पर दुनिया टिकी हुई है।

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4- हम पर अजीब मोहोब्बत का नशा सवार था, हमे बस उनसे मतलब था पर उन्हें अपने मतलब से प्यार था।

matlab shayari in hindi
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5- मतलबी ज़माना है नफरतों का कहर है, ये दुनिया दिखाती शहद है, पिलाती ज़हर है।

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6- यूँ ही नहीं करता कोई याद किसी को, हर लफ्ज़ के पीछे कुछ मतलब होता है कुछ मक़सद होता है।

apne matlab ke liye shayari

7- इस दुनिया को इस दुनिया में किसी से मतलब नहीं, इस दुनिया को इस दुनिया में बस खुद से मतलब है।

matlab ka rishta shayari
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8- आज कल की दोस्ती की पाठशाला में सारे ही गंवार है, ये जो दोस्ती की दुनिया है यहाँ सब मतलब के यार है।

matlab ki duniya shayari in hindi

9- तारीखे यूँ ही नहीं हम किसी से मिलने की मुलतवी करते हैं, की हमसे रूबरू होने की जो कोशिश करते हैं मतलबी करते है।

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10- इस मतलबी दुनिया में किसी से बेमतलब मोहोब्बत मत करना, दिल के टुकड़े-टुकड़े हो जाए अपने लिए ऐसी नौबत मत करना।

11- यहाँ दिन भी मतलब से होती है यहाँ रात भी मतलब से होती है, ये मतलबी दुनिया है साहब यहाँ बात भी मतलब से होती है।

12- जहाँ कोई किसी की मैय्यत पर भी बिना मतलब ना आए ये वो दौर है, जिससे रिश्ते जुड़े रहते हैं मतलब वो डोर है।

13- मोहोब्बत का रास्ता दिल से निकलता है दिमाग से तो बस मतलब निकलते हैं।

14- वो अपने नहीं जो तुमसे हर बात पूछते हैं, आज कल लोग हाथ मिला कर हाल नहीं औकात पूछते हैं।

2 line matlabi shayari
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15- बेहूदगी का सच कोई मज़हब नहीं होता, यहाँ रिश्ता कोई भी बेमतलब नहीं होता।

16- करता नहीं कोई कद्र यहाँ किसी के एहसासो की, हर किसी को फ़िक्र है बस मतलब के ताल्लुकातों की।

17- रिश्ता दोनों और से ही मंज़ूर था साहब बस गलती यहाँ हुई की हम मोहोबत से जुड़े थे और वो मतलब से।

18- बस मतलब मिलना चाहिए यहाँ लोग तुम्हे खुद ब खुद ढूंढ लेंगे

19- अफवाहें हर तरफ हवाओं में तमाम हो गई, मतलबी चाहने वालों में बेमतलब ही मोहोब्बत बदनाम हो गई।

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20- ये मतलब की दुनिया में आखिर कौन किसका होता है, यहाँ वही सजा का हक़दार होता है जो बेगुना होता है।

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21- क्या मतलब की मतलबी है दुनिया, कह दो की तुम खुद भी इस दुनिया का एक हिस्सा नहीं।

22- मैंने कुछ ऐसा सुना है, सब मतलब की गलती है मतलब इंसान बेगुनाह है।

23- ज़रुरत के वक़्त काम आ जाऊंगा अगर बस तुम मुझे यूँ ही याद कर लिया करोगे।

24- बचपना था तो दोस्त यूँ ही मिल लिया करते थे, बड़े क्या हुए अब बस मतलब से याद करते हैं।

25- एक तू है जिसे परवाह नहीं मेरी एक मैं हूँ जो परेशान हूँ तेरे लिए।

26- इंसान को खुदा की इबादत मत बना लेना, कुछ भी कर लेना किसी को आदत मत बना लेना।

27- रिश्ता जो कभी भी टूट जाए ऐसे डर में नहीं रह सकते, मोहोब्बत और मतलब सौतन की तरह है जो एक साथ एक घर में नहीं रह सकते।

28- कोई मतलब पड़े तो बेझिझक आना, ना मैं बदला हूँ ना बदला है मेरा ठिकाना।

29- अब खुद ही खुद के सगे रहें इसमें क्या हर्ज़ है, जब अपने परायों से भी ज्यादा खुदगर्ज़ है।

30- मुझे रिश्तों की लम्बी कतारों से क्या मतलब, कोई दिल से मेरा हो वही काफी है।

31- ये जो दौर है ये मतलबियों का ज़माना है, यहाँ मतलब से ही आना है और मतलब से ही जाना है।

32- मैंने साथ चलने वालों की चाल का ढंग बदलते देखा है, मैंने साफ़-सुथरे लोगों को रंग बदलते देखा है।

Matlab ki Duniya Mein Koi Kisi Ka Nahi Hota Shayari

1- कोई क्या पाता कोई क्या ही खोता, क्या होता इन रिश्तों का अगर मतलब नहीं होता।

2- ऐ मतलब तुझे सलाम करता हूँ, तूने आज दो बिछड़े दोस्तों को फिर से मिला दिया।

3- यूँ ही नहीं उसे मेरा नाम याद आया था, मैं नहीं उसे मुझसे कोई काम याद आया था।

4- अदालतें मोहोब्बत की मुल्तवी हो गई है, ये दुनिया कितनी मतलबी हो गई है।

5- अब तब तक किसी की जुबां से किसी का नाम नहीं निकलता, जब तक किसी का किसी से काम नहींनिकलता।

6- दुश्मन भी याद कर लेते थे हमे दो दफा दिन में, हमे भुलाने का ठेका तो हमारे अपनों ने लिया था।

7- मुलाक़ात ऐ सनम हमसे भी बेवजह कभी कर, अपने ईमान को इतना भी ना मतलबी कर।

8- आज कल के दौर में इंसान का ना कोई धर्म है ना जात है ना मज़हब है, उसे तो बस अब मतलब से मतलब है।

9- ऐ मतलब तू ज़रूर खूबसूरत दिखता होगा, की तेरे आगे अब किसी को कुछ दिखता ही नहीं है।

10- इश्क़ हम दोनों की हालत कुछ एक सी कर गई, उसका दिल भर गया मेरी आँखें भर गई।

11- एक वक़्त था जब हर वक़्त मिलने का वक़्त ढूंढते थे, आज आलम है की मिलने की एक वजह तक नहीं मिल रही।

12- बड़ी तकलीफ होती है रिश्तों के नाम याद करने में, एक काम करो सबका नाम बदल कर मतलब रख दो।

13- कैसा रिश्ता कैसी यारी कैसा ईमान हो गया, मतलब मिला तो महफ़िल जम गई, ना मिला तो वीरान हो गया।

14- रिश्ते अधूरे रह जाएं तो क्या गम है साहब मतलब पूरे होने चाहिए।

15- लोग अफ़सोस से कहते हैं की कोई किसी का नहीं होता, कोई ये नहीं सोचता की हम किसके हुए।

16- ऐनक लाख पहन कर देख लिए रिश्तों के मैंने, प्यार तो नहीं मगर मतलब साफ़ नज़र आता है।

17- कहने को अपने कई है मगर कोई अपना कहने वाला नहीं है।

18- सिर्फ जिस्म मिले दिल में दूरी रह गई, सिर्फ मतलब पूरे हुए चाहत अधूरी रह गई।

19- ऐ मतलब तुझमे ऐसी भी क्या खूबी है बता, तेरे मिलते ही लोग रिश्ते खो देते हैं।

20- ये इस दुनिया का कायदा है साहब, सब बाद में पहले फायदा है साहब।

21- ऐ खुदा देख ज़रा ध्यान से ये दुनिया तेरी नहीं रही अब मतलब की हो गई है।

22- रिश्ता नहीं जी सौदा होता है, इंसान का ईमान कैसा भी हो ज़रूरी उसका औदा होता है।

23- मत पूछ मुझसे ताक़त मतलब की, इंसानियत नहीं मिला पाती दो इंसानों को मगर मतलब मिला देता है।

24- रात को खबर मिली वो शाम से आ रखें थे, हम यूँ ही बेसब्र हो गए वो किसी काम से आ रखे थे।

25- हम पर अजीब मोहोब्बत का नशा सवार था, हमे बस उनसे मतलब था पर उन्हें अपने मतलब से प्यार था।

26- मतलबी ज़माना है नफरतों का कहर है, ये दुनिया दिखाती शहद है, पिलाती ज़हर है।

27- नाराज़ ना हो इसीलिए तहज़ीब में नज़रें झुका कर आए थे, वो रिश्ते की लिबाज़ में मतलब छुपा कर आए थे।

28- वो खुद को हमारा कहते थे मगर मतलब उन्हें बस खुद से था।

29- तारीखे यूँ ही नहीं हम किसी से मिलने की मुलतवी करते हैं, की हमसे रूबरू होने की जो कोशिश करते हैं मतलबी करते है।

30- यहाँ दिन भी मतलब से होती है यहाँ रात भी मतलब से होती है, ये मतलबी दुनिया है साहब यहाँ बात भी मतलब से होती है।

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