Allah Shayari
1- गम और मुश्किलात सिर्फ अल्लाह ता आला को बताया करो इस यक़ीन के साथ कि वह तुम्हें जवाब भी देगा और तुम्हारी तकलीफ दूर कर देगा।
2- मायूस वह होता है जो अल्लाह पर यकीन नहीं रखता और मेहरूम वह होता है जो अल्लाह की नेमतों का शुक्र अदा नहीं करता।
3- यकीन ऐसा होना चाहिए की सामने समंदर हो और तुम कहो कि नहीं मेरा रब रास्ते बनाएगा।
4- जिनके मन के आईने उजले हो उनके मुकद्दर कभी धुंधले नहीं होते।
5 – हम जो खो देते हैं कुदरत उससे पहले ही बेहतरीन चुनकर हमारे लिए रखती है बशर्ते अल्लाह पर यकीन कामिल होना चाहिए।
6- जब अल्लाह तुम्हें गहरी खाई के किनारे पर लाकर खड़ा कर दे, तो उस पर कामिल यकीन रखो क्योंकि दो चीजें हो सकती है या तो वो तुम्हें थाम लेगा या तुम्हें उड़ना सिखा देगा।
7- अल्लाह कभी दूसरा दर खोले बगैर पहला दर बंद नहीं करता।
8- जब मुझे पता चला कि मखमल के बिस्तर पर सोने वाले और जमीन पर सोने इन्सान के ख्वाब एक जैसे होते हैं तब मुझे अल्लाह के इंसाफ पर यकीन आ गया।
9- कश्तियाँ सब की किनारे पे पहुँच जाती हैं जिन का कोई नहीं उन का ख़ुदा होता है।
10- मिट जाए गुनाहों का तसव्वुर ही जहाँ से अगर हो जाये यकीन के खुदा देख रहा है।
11- किसी को ये खौफ के खुदा न देख ले किसी की ये आरज़ू के खुदा देखता रहे।
12- सामने है जो उसे लोग बुरा कहते हैं जिस को देखा ही नहीं उस को ख़ुदा कहते हैं।
13- वो पहले सा कहीं मुझको कोई मंज़र नहीं लगता यहाँ लोगों को देखो अब ख़ुदा का डर नहीं लगता।
14- नहीं बदल सके हम खुद को औरों के हिसाब से एक लिबास मुझे भी दिया है खुदा ने अपने हिसाब से।
15- अल्लाह ने हमें हमारे औकात से बहुत ज्यादा दिया है अगर वह हमें हमारी इबादत के बराबर देते तो हमारे पास कुछ ना होता।
16- जो बंदा किसी को माफ कर देता है, अल्लाह उसके बदले उसकी इज्जत बढ़ा देते हैं।
17- जिस घर में अल्लाह का जिक्र होता है उस घर में सुकून मोहब्बत बरकत और रहमत बरसती है।
18- उम्मीदें जब टूटती है तो तब बहुत तकलीफ होती है, लेकिन यह भी सच है हर टूटी हुई उम्मीद हमें हमारे रब से जोड़ती है।
19- जिंदगी के हर मोड़ पर जहां इम्तिहान होते हैं वही अल्लाह की मदद भी मौजूद होती है।
20- दुनिया में कोई इतनी शिद्दत से किसी का इंतजार नहीं करता जितना अल्लाह अपने बंदे की तौबा का इंतजार करते हैं।
21- तुम नमाज कायम करो अल्लाह तुम पे अपनी रहमत कायम करेंगे।
22- अगर तुम एक सफल जिंदगी चाहते हैं तो अपने मां बाप की इज्जत और देखभाल करो।
23- वह दिन कभी मत दिखाना मेरे मालिक कि मुझे अपने आप पर गुरुर हो जाए, रखना मुझे सब के दिलों में की हर कोई दिल से दुआ दे जाए।
24- हवा अगर मौसम का रुख बदल सकती है तो दुआएं मुसीबत के पल बदल सकती है।
25- दुआओं का कोई रंग नहीं होता लेकिन जब यह रंग लाती है तो जिंदगी रंगों से भर जाती है।
26- इश्क न हुआ कोहरा हो जैसे तुम्हारे सिवा कुछ भी दिखता ही नहीं।
27- मुझे खुदा के इन्साफ पर उस दिन यकीन हो गया जब मैंने अमीर और गरीब का एक जैसा कफ़न देखा।
28- ऐ सनम जिस ने तुझे चाँद सी सूरत दी है उसी अल्लाह ने मुझ को भी मोहब्बत दी है।
29- कर लेता हूँ बर्दाश्त तेरा हर दर्द इसी आस के साथ की खुदा नूर भी बरसाता है आज़माइशों के बाद।
30- इश्क किया या खता खुदा जाने तुम्हारे पास वक्त नहीं हमारे पास तुम नहीं।

