25+ Best Thand Shayari

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अर्ज़ किया है- ठिठुरने का समय आ गया, मौसम का जादू छा गया . पहन लो जर्सी और स्वेटर , हमने फ़र्ज़ पूरा किया ये कहकर।

सर्दी के मौसम का मजा अलग सा है, रात मे रजाई का मजा अलग सा है, धुंध ने आकर छिपा लिया सितारों को, आपकी जुदाई का ऐहसास अब अलग सा है।

अपना समझो या बेगाना, हमारा आपका हैं रिश्ता पुराना, इसलिए मेरा फ़र्ज हैं आपको बताना, ठंड आ गयी हैं…!! कृपया रोज मत नहाना।

पहन लो आप स्वेटर आपसे यही हैं हमारी गुज़ारिश, मुबारक हो आपको सर्दी की पहली बारिश।

ठण्ड से हाल बेहाल है, क्यूंकि सर्दी बेमिसाल है. ठण्ड से कुकुड जाता शरीर है, बनी रहते माथे की लकीर है।

हवा का झोंका आया तेरी खुशबू साथ लाया, मैं समझ गया की तू आज फिर नहीं नहाया। हैप्पी विंटर

फूलों की सुगंध मूँगफली की बहार, सर्दी का मौसम आने को तैयार, रजाई,स्वेटर रखो तैयार हैप्पी, सर्दी का मौसम मेरे यार।

कितना दर्द हैं दिल में दिखाया नही जाता गंभीर हैं किस्सा सुनाया नही जाता विडियो कॉल मत कर पगली रजाई में से मुहँ निकाला नही जाता।

सर्दी के मौसम का मजा अलग सा है, रात मे रजाई का मजा अलग सा है. धुंध ने आकर छिपा लिया सितारों को, आपकी जुदाई का ऐहसास अब अलग सा है।

कितना दर्द हैं दिल में दिखाया नही जाता गंभीर हैं किस्सा सुनाया नही जाता विडियो कॉल मत कर पगली रजाई में से मुहँ निकाला नही जाता।

ये सर्द शामें भी किस कदर ज़ालिम है, बहुत सर्द होती है, मगर इनमें दिल सुलगता है।

ठंड में एक अलग सी लत लग जाती है धूप की गर्मी, आग की तपन बहुत भाती है।

तेरी याद में ये दिल मेरा मचल रहा है….. हद है इसकी भी इतनी सर्दी में भी जल रहा है।

दिसम्बर के मौसम मे तुझे लगे मुहब्बत की ठंङ और तू तड़प कर माॅगे मुझे कम्बल की तरह।

धरती ठिठुर रही सर्दी से, घना कुररा सा छाया है कैसा ये नववर्ष है, जिससे सूरज भी शरमाया है।

हमें इसी ठंड का इन्तजार है बीमारी तो एक बहाना है कभी हमसफर बनके देखो तो जानो ये सफर कैसा सुहाना है।

बहुत पानी बरसता है तो मिट्टी बैठ जाती है, न रोया कर बहुत रोने से छाती बैठ जाती है यही मौसम था जब नंगे बदन छत पर टहलते थे, यही मौसम है अब सीने में सर्दी बैठ जाती है।

गर्मी में सब कहते हैं की ठंडी-ठंडी आइसक्रीम खा लो और ठंड में सब कहते हैं की गरमा-गरम अंडा खा लो।

ज़िन्दगी-ए-रोज़मर्रा की मुश्किलें कम थीं क्या, ऐ सर्द मौसम तूने भी कुछ रियायत ना की आपनी सख़्ती में।

लिपट जाओ मेरे सीने से की आगाज़-ए-सर्दी है ये ठंडी हवा कही तुम्हे बीमार न कर दे।

प्रेम रतन धन पायो, सर्दी का मौसम आयो, स्वेटर पेहेन कर घर के बहार जायो, रज़ाई के बहार न आयो, भूल न जाना जो बी मई समझायो वर्ण सर्दी लग जाएगी भाइयो।

ठंड में जब महबूब की याद आती है, बड़े मुश्किल से ये रातें काटी जाती है।

मेरी GF आज भी ठण्ड में ठिठुर रही है, मैंने बस एक बार इतना कह दिया था, स्वेटर के बिना हीरोइन लग रही हो।

मौसम का असर है.. ना सोच मेरी हमदर्दी है, मुझे ओढ़ ले जान ए मन.. बाहर बहुत सर्दी है।

जेसे ठंड लगने पर ठंड को छुपाना मुस्किल है वेसे ही तुझे देख कर मुझे अपनी feeling छुपाना मुश्किल है।

सर्दी के मौसम में कितना मज़ा आता है, नज़र हो फिर भी चिपक के सोना पढता है।

रात बैठी थी आग के पास फिर याद आई वो शिमला की रात वो तेरे प्यार की गर्मी थी उस साल कहाँ सर्दी थी।

बदलता वक़्त और हालत का साथ बदल जाना चाहिए, क्यों की सर्दी में गर्मी के कपडे पहने नहीं जाते।

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