30+ Best sath shayari

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1- ख़ुशी भरे दिन हो या फिर हो दुःख भरी रात हो , ख्वाहिश बस इतनी है अब जो भी हो साथ हो।

2- बाकी रहे या ना रहे कुछ बस हमे हमसफ़र तेरा साथ चाहिए।

3- बेरंग मेरी ज़िन्दगी में रंग आ जाए, जो सारी दुनिया छोड़ कर तू मेरे संग आ जाए।

4- अपने वो नहीं कहलाते जो तस्वीर में साथ हो, अपने तो वो कहलाते हैं जो तकलीफ में साथ हो।

5- ये मेरे पूरा आसमान ये मेरी पूरी ज़मीन है, मगर आज भी हर जगह बस खलती तेरी एक कमी है।

6- मेरी बंजर ज़मीन पर उस दिन बरसात काफी हो जाएगी, बस तू मिल जाए तो मेरे लिए हर बात काफी हो जाएगी।

7- मिलते कई है मुझे आज भी, पर मैं आज भी बस तेरा साथ ढूंढता हूँ।

8- बुलाता रहा ताउम्र पर वो साथ ना आया, उसे पैसे की प्यास थी मेरा प्यार रास ना आया।

9- तू जो साथ नहीं तो फिर क्या हुआ, तेरी यादें मेरा हाथ कभी नहीं छोड़ेंगी।

10- ज़िन्दगी बेरंग हो जाएगी इसमें बाकी कोई रंग नहीं होगा, जो सब कुछ भी मिल जाएगा मुझे बस तू मेरे संग नहीं होगा।

11- साथ माँगा था वो भी ना दे सके, जो पूछा करते थे मुझसे बताओ क्या चाहिए।

12- दुखी भी नहीं खुश भी नहीं, तेरे बिना हम कुछ भी नहीं।

13- साथ कोई नहीं अकेला काफी हूँ, पर जैसा भी हूँ अकेला ही काफी हूँ।

14- बड़े मिल जाएंगे इस दुनिया में हाथ मिलाने वाले, मगर कोई एक दो ही होते है उनमे से साथ निभाने वाले।

15- दुश्मन कौन है ख़ास कौन है, वक़्त बता देगा साथ कौन है खिलाफ कौन है।

16- और कुछ नहीं वादे में बस एक बात चाहता हूँ, सात क़दमों का नहीं मैं तुमसे सात जन्मों का साथ चाहता हूँ।

17- जो कहते थे हमे कभी भी बुला लेना, आज वो क़रीबी दूर-दूर तक नज़र नहीं आता।

18- अपना बताया सभी ने मगर अपना बना कोई नहीं, जब मुश्किलें कड़ी हुई हुआ साथ खड़ा कोई नहीं।

19- ज़रा पूछना कभी अपने साथ वाले से, आज जो तुम्हारे क़रीबी है वो कभी हमारे ख़ास वाले थे।

20- उनसे मैं दूरी बना कर चलता हूँ मैं, जो किसी के भी साथ चल देते हैं।

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21- चलता हूँ अकेला अब वैरागियों की तरह, साथी बाकी भी बदल गए बाकियों की तरह।

22- दोस्ती जंग-ऐ मैदान है और मुझे इससे भागना पसंद नहीं, मिलता है तो मिल जाए मुझे साथ माँगना पसंद नहीं।

23- एक साथ तेरा चाहत है मेरी, जो छूटती नहीं तू वो आदत है मेरी।

24- ज़माना इस एक बात से तंग हो रखा है, तू कितने सालों से मेरे संग हो रखा है।

25- सिर्फ तेरी तलब है हम तलबगार है तेरे, कभी हमारी भी तरफ देख हम तरफ़दार हैं तेरे।

26- ये रिश्ता साथ सात जन्म तक रहेगा, जहाँ तक तू चलेगा हर उस क़दम तक रहेगा।

27- संग अब तू है जो, तो सब ठीक है फिर जो भी हो।

28- मिल गया जो खुदा एक दिन तो उससे बस एक ही बात मांगूंगा, दौलत शौहरत नहीं मैं तेरा साथ मांगूंगा।

29- साथ कहने को होते हैं मगर निभा नहीं पाते, ये अपने कहने को होते है मगर अपनापन दिखा नहीं पाते।

30- निभा दे जो साथ जितना उस साथ का भी शुक्रिया, छोड़ जाए जो बीच में ही उस हाथ का भी शुक्रिया।

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