Roshni Shayari

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roshni shayari
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1- तुम बस मेहनत करने की हिम्मत जुटाओं, सफलता की रौशनी तुम्हे खुद ब खुद दिख जाएगी।

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2- जब मेरे साथ में तेरे साथ होगा तो अँधेरा में रौशनी मिलना तय हो जायेगा।

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3- जब नफरतो का खात्मा होता है तब इंसान के जीवन में फिर से सकारत्मक विचारो का उजाला होता है।

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4- तेरे इश्क़ में ना जाने ऐसा क्या जादू है हमें रात में भी दिन जैसा एहसास होता हैं।

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5- प्यार की रौशनी जब जिंदगी में पढ़ती हैं तो जिंदगी बहुत खूबसूरती से स्वर जाती है।

6- मेरी जिंदगी में जब भी मुस्सेबातो का काला साया आया तब तेरे साथ की रौशनी ने मेरा साथ निभाया।

7- जब उससे महोब्बत हुई तो सच में मेरी जिंदगी में खुशियों की किरण फिर से आयी।

8- अब क्या ही तारीफ करू में तेरे चेहरे की, चाँद जैसी चमकदार रौशनी है तेरे चेहरे की।

9- मेरा ये दिल तब बहुत खुश हो जाता है जब तेरी प्यारी सी मुस्कुराहट की रौशनी इसके उप्पर पड़ती है।

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10- अब क्या ही बोलू मै तेरे बारे में, सवर गए है हम तेरे इश्क़ की रौशनी में।

11- अगर रिश्तो में मत भेद के दायरे बढ़ जाते है तब उनमे विश्वाश की रौशनी फिर से जगानी बढ़ती है।

12- उसने मुझसे पूछा की क्या कर सकते हो तुम मेरे लिए, मैंने उससे कहा की अपना दिल जलाकर रौशनी कर सकते है हम तुम्हारे लिए।

13- मेरा दिल तुझ पे फ़िदा है, तेरी रौशनी का दिया मेरी जिंदगी भी अब भी जला है।

14- जब प्यार का दिया जलता है तो सरे दुखो का अंत अपने आप हो जाता है।

15- तेरी रौशनी की किरण जब मेरी जिंदगी पर पड़ी तो मेरी बिगड़ी हुई जिंदगी अपने आप संभल गयी।

16- जब तक बाप की रौशनी घर पर रहती है तब तक किसी भी काली शक्ति का साया घर पर नहीं मंडराता है।

17- तुझसे बस एक ही गुजारिश है की मेरी जिंदगी में हमेशा यूही खुशियों की रौशनी जलाये रखियो।

18- आप हमारी जिंदगी में आये हमें बहुत ख़ुशी हुई, आपके महोब्बत की रौशनी हमें जीने का मकसद सीखा गयी।

19- अँधेरे के बादल जब मेरी जिंदगी से हटे तो दूर से मुझे मंजिल पर जाने की रौशनी नजर आयी।

20- अब रास्ता साफ़ हैं रौशनी भरा संभल कर चलूँगा, गिर भी गया अगर बार-बार तो फिर खड़ा उठकर अपनी मंजिल को पाने के लिए आगे बढ़ते रहूँगा।

21- रात को रोने से अच्छा है की सुबह सूरज के उजाले में फिर से जीतने का प्रयास किया जाये।

22- इस शहर की रौशनी भी बड़ी अजीब है, रौशनी होने के बावजूद भी लोगो के असल चेहरे नजर नहीं आ पाते है।

23- जब से उजाले में अपनों का असल चेहरा देखा है तब से खुद को हमने अँधेरे में रखना ही ठीक समझा है।

24- रोशनी कब कम हुई पता ना चला, ख़ुशी कब गम हुई पता ना चला, आप की याद में खोये कुछ इस तरह, आँख कब नम हुई पता ना चला।

25- मेरी माँ की रौशनी इतनी हैं मेरी जिंदगी में की किसी भी अँधेरे गम का आना बहुत मुश्किल हैं मेरी जिंदगी में।

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