Pati Patni Ke Jhagde Ki Shayari

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सुबह सूरज का साथ हो, तुम्हारे हाथों में मेरा हाथ हो, तुम्हें अपने बाहों में लूँ, उस खुश नुमा सुबह की क्या बात हो।

वैसे भी टोटी में आज पानी आ नहीं रहा है, और तुम्हारी नाराजगी इस दिल को भा नहीं रहा हैं।

दिल में क्या है कभी तो बताया करों, शरीफ से पति को इतना भी सताया न करो।

कोई रात भर किसी के ख्यालों में सोया नहीं है, और कोई खाने के चक्कर में खोया है।

आसान नहीं सब कुछ प्यार में, कई बार पूरा दिन बीत जाता हैं फोन के इंतज़ार में।

जिद को जिताने की कोशिश में हर कोई लगा है, मासूम दिल को हराने की कोशिश में हर कोई लगा है।

अब उन्हें मेरा फ़िक्र भी नहीं जिनका हम इतना फ़िक्र करते है, ऐसा लगता है कि प्यार की वो बातें भूल गए है जिनका जिक्र करते है।

हाथ जोड़कर वो अपना हुक्म ही चलाते हैं, पति तो ही है मान जाएगा, ये जानते है।

वो फ़िक्र हमारा बहुत करते है पर गुस्सा करना नहीं छोड़ेंगे, प्यार का यह भी एक नया तरीका है हर बार दिल जरूर तोड़ेंगे।

मेरी सारी कोशिशे नाकाम हो जाती हे तुम्हे मानाने की, न जाने कहा से सीखी हे ये अदा तुमने रूठ जाने की।

तुम्हे मानाने का एक अलग ही मजा हे, तुम्हारा रूठना भी तो एक सजा हे।

कोई रूठा हे मुझ से इस कदर, की ख्याल मानाने का भी नहीं आता।

बात यह तो नहीं के में नाराज़ हूँ, बात तो यह हे की उसने अभी तक मुझे मानाने की कोशिश नहीं की।

मेरे दिल से कहा तेरे दिल ने, की तुम आ रहे हो मुझसे मिलने, ये सपना मेरा कितना खूबसूरत हे, उम्र भर मुझे तेरी ही ज़रुरत हे।

मेरा रास्ता, मेरी मंज़िल तुम से“तुम तक“ मेरी हद, मेरी ज़िन्दगी तुम से“तुम तक“ फक्र यह हे की तू मेरा हे फ़िक्र यह हे की कब तक।

आज बात करता हूँ तेरे कान में लगे उस झुमके की, क्या कहूं, दिखने में तो बड़ा हसीं लगता हे, पर सच कहता हूँ, तुझ पर सजने के बाद।

सुना हे वो आने वाली हे प्यार लेकर, में भी खड़ा रहूँगा उसके दीदार में कोहिनूर का हार लेकर।

पति पत्नी में कोई रूठे तो इक दूजे को मना लो दिल उठे मोहब्बत के अरमान तो खुलकर बता दो।

तुम्हारा ख्याल भी बहोत अजीब हे।। जब भी आता हे फिर मुझे मेरा ख़याल ही नहीं आता।

वो जो तुम्हे हर रूप में पसंद करता हे, बस वही एक इंसान तुम्हे सच्चा प्यार करता हे।

यादें अक्सर होती है सताने के लिए कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए रिश्तें निभाना कोई मुश्किल तो नहीं बस दिलों में प्यार चाहिए उसे निभाने के लिए।

जिसके साथ बैठकर खुल कर रोटी थी, आज इन आँखों में आंसू छोड़कर कही चला गया हे वो।

जैसा मांगा उपरवाले से वैसा तेरे जैसा यार मिला कुछ और नहीं ख़्वाहिश मेरी तेरा जो इतना प्यार मिला।

इश्क़ के खूबसूरत रिश्ते भी टूट जाते हैं जब दिल भर जाता है तो अपने भी रूठ जाते हैं।

मेरी हर ख़ुशी हर बात तेरी हैं साँसों में छुपी ये साँस तेरी हैं दो पल भी नही रह सकते तेरे बिन धड़कनों की धड़कती हर आवाज तेरी हैं।

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