28+ Sad Kaash Shayari

28+ Sad Kaash Shayari

1- काश मोहब्बत मे भी चूनाव होते, गजब के भाषण देते तूझे पाने के लिये।

2- काश ख्वाहिशें पैदा ना होती तो उन्हें मारने का गम तो ना होता।

3- काश की कोशिशें हमेशा कामियाब होती, कम से कम कोशिशें करने में डर ना लगता।

4- ये बोलने से बेहतर की काश ये ख्वाहिश पूरी हो जाए, बेहतर ये नहीं की उन्हें पूरा करने की कोशिश की जाए।

5- जो दिन हमारे रिश्ते का आखरी हो काश मेरी ज़िन्दगी का दिन वो आखरी हो।

6- काश की कश्मकश में फंसे है सब अब यहाँ से निकले तो कहीं पहुंचे।

7- काश कोई अपना हो तो आयने सा हो, जो हँसे भी साथ और रोए भी साथ।

8- पास कोई तो ऐसा काश हो, जो मना ले हमे जब हम नाराज़ हो।

9- सुनाने वालों की दुनिया में काश कोई सुनने वाला भी होता, समझाने वालों की दुनिया में काश कोई समझने वाला भी होता।

10- ख़त्म ही ना हो जो ज़िन्दगी है कुछ ऐसे सवाल की तरह, काश की इनसे बचाने वाला होता मेरा अपना मेरी ढाल की तरह।

11- हर वक़्त नहीं तो कुछ वक़्त बाद तो आते, काश हम चाय होते तुम्हे हर थोड़ी देर में याद तो आते।

12- काश की तुम मिल जाते हमे कुछ पल के लिए, तो हम यूँ ना तड़पते पल भर के लिए

13- या तो हमारा दिल भी उनकी तरह पत्थर का होता, या फिर काश उन्हें भी हमसे हम सी ही मोहोब्बत होती।

14- काश तेरे न मिलने का कोई गिला ना होता, या काश की तू कभी मिला ही ना होता।

15- काश की तुम समझते की हम क्या कहना चाहते है, काश की तुम समझ सकते हम तुम्हे कितना चाहते हैं।

16- काश की तू सुन सकता खामोशी की सिसकियाँ मेरी, रोकर तमाशा करना हमें आज भी नहीं आता।

17- काश बनाने वाले ने दिल पत्थर का बनाया होता, तोड़ने वाले के हाथ कम से कम एक जख्म तो आया होता

18- सरक गया जब उसके रुख से पर्दा अचानक, फ़रिश्ते भी कहने लगे काश हम भी इंसां होते।

19- काश मंज़िलें बनी ही ना होती तो शायद सफर का ही मज़ा होता।

20- काश तू हमें कभी मिली ही ना होती तो आज हम तुझे दर-बदर ना ढूंढ रहे होते।

21- काश तू समझ सकता हालात मेरे, एक खालीपन है जो तेरे बिना भरता ही नहीं।

22- काश तुम सा ही कोई तुमको मिले, तब जानेंगे कितनी ख़ुशी हमको मिली और कितने गम तुमसे मिले।

23- काश की तुम समझ पाते या काश की हम तुम्हे कुछ समझाते ही नहीं।

24- हर ख्वाहिश के पीछे काश लगा कर, चल रहा हूँ खामखा की आस लगा कर।

25- काश मेरी रातों के भी सवेरे होते, काश की तुम मेरे होते।

26- काश एक ख़्वाब ऐसे भी हो, जिसमे ना तू हो ना कोई तेरे जैसा भी हो।

27- काश की इतनी हसरतें ना होती, तो खामखा ज़िन्दगी में इतनी कसरतें ना होती।

28- काश ये ज़िन्दगी दोबारा मिल जाए, या फिर ये गम या फिर हम मिटटी में मिल जाएं।

29- चटख-से रंग, शोख़ ख़ुशबू, मुख़्तसर सांसें, काश फूलों की तरह अपनी ज़िन्दगी होती।

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