Gulab Shayari in Hindi

Gulab Shayari in Hindi
gulab shayari
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1- सोचता था पहले की क्या ही खूबसूरत होगा गुलाब के आगे, पर जब आपको देखा तो गुलाब भी फीका दिखने लगा आप के आगे।

gulab shayari in hindi
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2- ज़िन्दगी गुलाब का गुलिस्तां हो जाए, जो आपका और मेरा मोहोब्बत का तय रिश्ता हो जाए।

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3- सुनों आज तुम्हे मोहोब्बत के इज़हार में गुलाब भेजा है या यूँ कहो की तुम्हे पाने के लिए मैंने अपना ख़्वाब भेजा है।

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4- सुना है गुलाब खूबसूरत है काफी माफ़ी चाहता हूँ मुझे आपके आगे वो कुछ ख़ास ना लगा।

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5- जो तेरी मोहोब्बत को पाने का पूरा मेरा ख़्वाब हो जाए, महक जाए ये ज़िन्दगी खुदा कसम गुलाब हो जाए।

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6- पहले सोचा की उसे तोहफे में गुलाब दूँ फिर सोचा अब गुलाब को क्या ही गुलाब दूँ।

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7- अगर होता इस जहान में कहीं भी गुलाबों का शहर खुदा कसम तुम उस जहान की रानी होती।

phool hai gulab ka shayari hindi
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8- शराब में शबाब से खूबसूरत और फूलों में गुलाब और आप से खूबसूरत और कोई नहीं।

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9- जिस महफ़िल में मौजूद तुम सा गुलाब होगा वहां खुशबू का कारवां शुरू अपने आप होगा।

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10- अब क्या ही तारीफ करूँ आपकी गुलाब के आगे, मुझे ज्यादा खूबसूरत लगती हो तुम गुलाब के आगे।

11- जो अच्छा होता है समाज में उसके खिलाफ भी लोगों के पास कहने को बातें होती है, अब इसमें तो कोई दोराय नहीं की गुलाब में भी कांटे होते है।

12- सिर्फ गुलाब देने से अगर मोहब्बत हो जाती, तो माली सारे ‘शहर’ का महबूब बन जाता।

13- गुलाब भेजे थे जो तुम्हे महकते हुए, तुम ज्यादा महकती हो सुना ऐसा मैंने उन्हें कहते हुए।

14- अब गुलाब को गुलाब के लिए भेजूं तो क्या ही फायदा होगा, शराब आप जैसे जाम के लिए भेजूं तो क्या ही फायदा होगा।

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15- मेरी ज़िन्दगी आपके रहते मेरे लिए ख़ास है क्या गुलाब खरीदूं अब मैं जब खुद गुलाब मेरे पास है।

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16- दिन के उजाले में आने लगे है हसीं ख़्वाब मुझे, प्यार से भेजा है तुमने एक गुलाब मुझे।

17- कांटो से हम बचते ही कैसे जब हमे पसंद ही गुलाब था।

18- लब जैसे गुलाब थे उसके बाल जैसे शाख थी, मैं तो देखता ही रह गया आँखों में उसकी इतनी खूबसूरत उसकी आँख थी।

19- आँखें तेरी शराब से कम नहीं लब तेरे गुलाब से कम नहीं, पागल हो जाते हैं तेरी एक झलक देख खुदा कसम तू किसी ख़्वाब से काम नहीं।

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20- गुलाब के आगे हर फूल फीका है पर जिस गुलाब को तुम छू लो वो गुलाब भी तुम्हारी खूबसूरती का गुलाम हो जाए।

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21- कर सकूं जो तुम्हारी खूबसूरती को बयान ऐसे मेरी सूरत नहीं बस इतना कह सकता हूँ गुलाब भी बहुत देखे हैं पर वो भी तुम्हारी आगे ख़ास खूबसूरत नहीं।

22- वो किताब भी मेरे लिए किसी खिताब से कम नहीं जिसमे छुपाकर मैंने तेरा दिया हुआ गुलाब रखा है।

23- आ जाती है मुझे कभी-कभी तेरी याद खूबसूरत ख़्वाब देखकर, कभी इस खूबसूरत दुनिया को देखकर कभी खूबसूरत गुलाब देखकर।

24- समझ नहीं आता की क्या तारीफ करूँ तुम्हारी, तुम्हे गुलाब कहना भी गुलाबों की तारीफ है।

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25- आज गुलाब भी खुद को सबसे खूबसूरत समझने लगा जब मैंने उसे तुम्हारे नाम से पुकारा।

26- मैं काँटों का वारिस तुम अफसर हो फूलों की क्यों ना हम मिलकर खुद को गुलाब बना दें।

27- तुम्हे कमल कह दूँ या गुलाब कह दूँ तुम्हे अनदेखा अजूबा कह दूँ या खूबसूरत ख़्वाब कह दूँ।

28- आज भी तेरे सिवाय किसी और की तरफ मोहोब्बत से देखा नहीं मैंने सूख गया तेरा गुलाब मगर फेंका नहीं मैंने।

29- क्यों करूँ तेरी तुलना मैं किसी गुलाब से गुलाब भी गुमान में चमक उठता है तेरे नाम से।

30- शोहरत जाम नाम मैं सब तेरे लिए छोड़ आया हूँ, उस गुलाब के लिए मैं बागो से हर खूबसूरत फूल तोड़ लाया हूँ।

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