Fursat Shayari

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Fursat Shayari iin hindi
Fursat Shayari

1- कभी फुर्सत मिले तो मिलने आ जाना, इस दिल को थोड़ा सा सुकून दे जाना।

सुकून के पल शायरी

2- खुदा ने कितनी फुर्सत से बनाया होगा तुझे की तुझे देखने के बाद नजर हटती ही नहीं।

मायने शायरी

3- उन्हें फुर्सत ही कहा है हमसे बात करने की, उन्हें तो बस कोई बहाना चाहिए हमसे दूर रहने का।

फुरसत शायरी रेख़्ता

4- वो मुँह पे भले ही अनजान बने रहते है, लेकिन फुर्सत में हमें याद भी बहुत करते है।

पल शायरी

5- कभी फुर्सत में बैठेंगे तो बताएंगे तुम्हे की इस दिल का हाल आजकल कैसा चल रहा है।

6- जब फुर्सत में होते हो तभी तुम प्यार करते हो, उससे पहले नजाने कहा गायब रहते हो।

7- कभी फुर्सत हो बताना की क्या कमी रह गयी थी हमारी महोब्बत में जो तुम हमसे इतनी दूर चले गए।

8- पहले वो हमारे बिन एक पल भी नहीं रह सकते थे और अब एक पल बिताने के लिए भी उनके पास फुर्सत नहीं है।

9- कभी फुर्सत से बैठूंगा तो गिनाऊंगा की कितने झूठे वादे थे तेरे।

फुर्सत मिले तो याद करना शायरी

10- पता ही नहीं चला की कब ऐसा दौर आया, फुर्सत भरी जिंदगी को जिमेदारियों ने दबोच लिया।

11- अगर आप फुर्सत से रहना चाहते है तो लोगो की फुर्सत भरी जिंदगी में टांग अड़ाना बंद कर दीजिये।

12- जब वक्त था तो फुर्सत नहीं थी और अब फुरसत हैं तो वक्त नहीं।

13- जिम्मेदारियों का बोझ जब सर पे आता हैं तब कही ना कही फुर्सत मिलना मुश्किल हो जाता है।

14- इश्क़ की बाते तो बड़ी-बड़ी की थी तुमने लेकिन हमारे साथ चैन से एक पल भी गुजरने की फुर्सत नहीं हैं तुम्हारे पास।

उलझी जिंदगी शायरी

15- अगर आप साथ ना होती तो ये जिंदगी फुर्सत भरी ना लगती।

16- अधूरे मिलन की आस हैं जिंदगी सुख-दुःख का एहसास हैं जिंदगी फुरसत मिले तो ख्वाबो में आया करो तुम्हारे बिना बड़ी उदास हैं जिंदगी

17- कभी मिले तुम्हे फुरसत तो इतना जरुर बताना वो कौन सी मौहब्बत थी जो हम तुम्हे दे ना सके।

18- जमाना ख़राब कर रही हैं ये बेटियां नवाब की ना सर पे लाज का दुपट्टा ना फुर्सत है हिजाब की।

19- एक सुकून की तलाश मे जाने कितनी बेचैनियां पाल ली और लोग कहते है हम बड़े हो गए हमने जिंदगी संभाल ली

20- मंहगीं तो फुर्सत है जनाब सुकुन तो आज भी सस्ता है, चाय की प्याली में भी मिल जाता है।

21- तुम्हे गेरौ से कब फुरसत हम अपने ग़म से कब खाली चलो बहुत हो गया मिलना ना तुम खाली ना हम खाली

22- मिल जाए उलझनों से फुर्सत तो जरा सोचना,क्या सिर्फ फुरसतों मे याद करने तक का रिश्ता है हमसे।

23- हमें फुरसत नहीं मिलती कभी आंसू बहाने से कई ग़म पास आ बैठे तेरे एक दूर जाने से

24- तुम्हें जब कभी मिले फुरसतें, मेरे दिल से बोझ उतार दो मैं बहुत दिनों से उदास हूँ मुझे कोई शाम उधार दो

25- खत्म कर दी थी जिन्दगी की हर खुशियाँ तुम पर कभी फुर्सत मिले तो सोचना मोहब्बत किस ने की थी।

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