45+ Emotional Shayari in Hindi on Life

You are currently viewing 45+ Emotional Shayari in Hindi on Life

1- फुर्सत में करेंगे तुझसे हिसाब-ए-ज़िन्दगी अभी तो उलझे है खुद को सुलझाने में।

2- इन्सान ख्वाहिशो से बंधा एक जिद्दी परिंदा है जो उम्मीदों से ही घायल है और उम्मीदों से ही जिंदा है।

3- ज़िन्दगी में एक बात हमेशा याद रखना हमें तब तक कोई हरा नहीं सकता जब तक हम खुद से न हार जाये।

4- बड़े ही अजीब हैं ये ज़िन्दगी के रास्ते, अनजाने मोड़ पर कुछ लोग अपने बन जाते हैं, मिलने की खुशी दें या न दें, मगर बिछड़ने का गम ज़रूर दे जाते हैं।

5- अजीब तरह से गुजर गयी मेरी भी ज़िन्दगी, सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ।

6- ज़िन्दगी उस अजनबी मोड़ पर ले आई है, तुम चुप हो मुझसे और मैं चुप हूँ सबसे।

7- मैंने ज़िन्दगी से पूछा सबको इतना दर्द क्यू देती देती है ज़िन्दगी ने हस कर जवाब दिया में तो सबको खुसी ही देती हूँ पर एक की खुसी दुसरे का दर्द बन जाती है।

8- जो हो गया उसे सोचा नहीं करते जो मिल गया उसे खोया नहीं करते, जिंदगी में हासिल उन्हें होती है सफलता जो वक़्त और हालत पर रोया नहीं करते।

9- ज़िन्दगी जीनी हैं तो तकलीफें तो होंगी वरना मरने के बाद तो जलने का भी एहसास नहीं होता।

10- ए ज़िन्दगी तू इतनी बद्सलुखी न कर कौन सा यहा हम बार-बार आने वाले है।

11- किसी दिन ज़िंदगानी में करिश्मा क्यों नहीं होता, हर दिन जाग जाता हूँ ज़िन्दा क्यों नहीं होता, मेरी एक ज़िन्दगी में कितने हिस्सेदार हैं लेकिन, किसी की ज़िंदगी में मेरा हिस्सा क्यूं नहीं होता!

12- जिंदगी में ये हुनर भी आजमाना चाहिए, अपनों से हो जंग तो हार जाना चाहिए।

13- सरे-आम ​मुझे ​ये शिकायत है ज़िन्दगी से​,​ क्यों मिलता नहीं मिजाज़ मेरा किसी से।

14- इतनी ठोकरे देने के लिए शुक्रिया ए ज़िन्दगी, चलने का न सही सम्भलने का हुनर तो आ गया।

15- आराम से तनहा कट रही थी तो अच्छी थी, जिंदगी तू कहाँ दिल की बातों में आ गयी।

16- जुगनुओं की रोशनी से तीरगी हटती नहीं, आइने की सादगी से झूठ की पटती नहीं, ज़िन्दगी में गम नहीं फिर इसमें क्या मजा, सिर्फ खुशियों के सहारे ज़िन्दगी कटती नहीं।

also read:-

17- पहचानूं कैसे तुझको मेरी ज़िन्दगी बता, गुजरी है तू करीब से लेकिन नकाब में।

18- फुरसत अगर मिले तो मुझे पढ़ना जरूर, नाकाम ज़िंदगी की मुकम्मल किताब हूँ मैं।

19- मैं उस किस्मत का सबसे पसंदीदा खिलौना हूँ, जो रोज़ जोड़ती है मुझे फिर से तोड़ने के लिए।

20- रोज़ दिल में हसरतों को जलता देखकर, थक चुका हूँ ज़िन्दगी का ये रवैया देखकर।

21- ज़िन्दगी ये तेरी खरोंचे हैं मुझ पर या फिर तू मुझे तराशने की कोशिश में है।

22- उस चिट्ठी की तरह है ज़िन्दगी जिसे बिना पता लिखें रवाना कर दिया।

23- थोड़ी मस्ती थोड़ा सा ईमान बचा पाया हूँ, ये क्या कम है अपनी पहचान बचा पाया हूँ, कुछ उम्मीदें, कुछ सपने, कुछ महकती यादें, जीने का मैं इतना ही सामान बचा पाया हूँ।

24- बेरंग ही होती है, हक़ीक़त-ए-ज़िन्दगी ऐ दोस्त वरना झूठ के चेहरों के तो, हज़ारो रंग होते हैं।

25- कितना और बदलूं खुद को ज़िन्दगी जीने के लिए, ऐ ज़िन्दगी, मुझको थोड़ा सा मुझमें बाकी रहने दे।

26- ज़िन्दगी सुन तू यही पे रुकना हम हालात बदल के आते है।

27- यूँ तो मरने के लिए ज़हर सभी पीते हैं ज़िंदगी तेरे लिए ज़हर पिया है मैं ने।

28- हासिल-ए-ज़िन्दगी हसरतों के सिवा और कुछ भी नहीं, ये किया नहीं, वो हुआ नहीं, ये मिला नहीं, वो रहा नहीं।

29- नही मांगता ए खुदा की जिंदगी सौ साल की दे, दे भले चंद लम्हो की मगर कमाल की दे।

30- पढ़ने वालों की कमी हो गयी है आज इस ज़माने में, वरना मेरी ज़िन्दगी का हर पन्ना मुकम्मल किताब है।

31- ज़िन्दगी में कभी उदास मत होना कभी किसी बात पर निराश मत होना ये ज़िन्दगी एक संघर्ष है चलती ही रहेगी

32- क्या है ज़िन्दगी देखो तो ख्वाब है ज़िन्दगी पढो तो किताब है ज़िन्दगी सुनो तो ज्ञान है ज़िन्दगी।

also read:-

zindagi se hara hua shayari

33- दर्द दे कर इश्क़ ने हमे रुला दिया, जिस पर मरते थे उसने ही हमे भुला दिया, हम तो उनकी यादों में ही जी लेते थे, मगर उन्होने तो यादों में ही ज़हेर मिला दिया.

34- हासिल-ए-ज़िन्दगी हसरतों के सिवा और कुछ भी नहीं, ये किया नहीं, वो हुआ नहीं, ये मिला नहीं, वो रहा नहीं।

35- दिल की धड़कन और मेरी सदा है वो; मेरी पहली और आखिरी वफ़ा है वो; चाहा है उसे चाहत से बड़ कर; मेरी चाहत और चाहत की इंतिहा है वो!

36- हर एक चेहरे को ज़ख़्मों का आईना न कहो, ये ज़िन्दगी तो है रहमत इसे सज़ा न कहो।

37- कुछ आग आरज़ू की उम्मीद का धुआँ कुछ, हाँ राख ही तो ठहरा अंजाम ज़िन्दगी का।

38- हद-ए-शहर से निकली तो गाँव गाँव चली, कुछ यादें मेरे संग पाँव पाँव चली, सफ़र जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ, वो ज़िन्दगी ही क्या जो छाँव-छाँव चली।

39- ऐ ज़िन्दगी, तोड़ कर हमको ऐसे बिखेर दे इस बार, न फिर से टूट पायें हम, और न फिर से जुड़ पाए तू।

40- कुछ इस तरह से गुज़ारी है ज़िन्दगी जैसे, तमाम उम्र किसी दूसरे के घर में रहा।

41- ज़िन्दगी लोग जिसे मरहम-ए-ग़म जानते हैं, जिस तरह हम ने गुज़ारी है वो हम जानते हैं।

जो तेरी चाह में गुजरी वही ज़िन्दगी थी बस, उसके बाद तो बस ज़िन्दगी ने गुजारा है मुझे।

42- आँखों में आंसुओं की लकीर बन गई; जैसी चाहिए थी वैसी तकदीर बन गई; हमने तो सिर्फ रेत में उंगलियाँ घुमाई थी; गौर से देखा तो आपकी तस्वीर बन गई।

43- सफ़र लिख दे, रास्ता ही लिख दे । किसी मंज़िल से, मेरा वास्ता ही लिख दे ।। ऐसा क्यूँ है, के बेमक़सद जिए जा रहा हूँ मैं । मेरी क़िस्मत में, कोई हादसा ही लिख दे।

44- नजरिया बदल के देख, हर तरफ नजराने मिलेंगे, ऐ ज़िन्दगी यहाँ तेरी तकलीफों के भी दीवाने मिलेंगे।

45- आसुओ को पलकों में लाया न कीजिये, दिल की बात हर किसी को बताया न कीजिये, मुट्ठी में नमक लेकर गुमते है लोग, अपने ज़ख़्म हर किसी को दिखाया न कीजिये।

46- इश्क के गुल,थोडे इंतजार में नहीं खिलते, मंजिल पर खडे लोग,मझधार में नहीं मिलते, रूह तक में बस जाए खुशबू जिनकी, अब वो फूल बाजार में नहीं मिलते।

  • 1
    Share

Leave a Reply