Dr Br Ambedkar Thoughts in Hindi

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1- शिक्षा महिलाओं के लिए भी उतनी ही जरूरी है जितनी पुरषों के लिए।

2- ज्ञान हर व्‍‍यक्ति के जीवन का आधार है।

3- राजनीतिक अत्याचार, सामाजिक अत्याचार की तुलना में कुछ भी नहीं है, समाज को बदनाम करने वाले सुधारक सरकार को नकारने वाले राजनेता की तुलना में अधिक अच्छे व्यक्ति हैं।

4- कुछ लोग सोचते हैं कि धर्म समाज के लिए आवश्यक नहीं है, मैं यह दृष्टिकोण नहीं रखता मैं धर्म की नींव को समाज के जीवन और प्रथाओं के लिए आवश्यक मानता हूं।

5- मैं एक समुदाय की प्रगति को उस प्रगति की डिग्री से मापता हूं जो महिलाओं ने हासिल की है।

6- धर्म पर आधारित मूल विचार व्यक्ति के आध्यात्मिक विकास के लिए एक वातावरण बनाना है।

7- एक सुरक्षित सेना एक सुरक्षित सीमा से बेहतर है।

8- भाग्य से ज्यादा अपने आप पर विश्वास करों।

9- हो सकता हैं समानता एक कल्पना हो, पर विकास के लिए यह ज़रूरी है।

10- जो क़ौम अपना इतिहास नहीं जानती, वह क़ौम कभी भी इतिहास नहीं बना सकती।

11- बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का महत्वपूर्ण लक्ष्य होना चाहिए।

12- किसी का भी स्वाद बदला जा सकता है, लेकिन ज़हर को अमृत में परिवर्तित नहीं किया जा सकता।

13- जो व्यक्ति अपनी मौत को हमेशा याद रखता है, वह सदा अच्छे कार्य में लगा रहता है।

14- सागर में मिलकर अपनी पहचान खो देने वाली पानी की एक बूंद के विपरीत, इंसान जिस समाज में रहता है, वहां अपनी पहचान नहीं खोता।

15- इंसान सिर्फ समाज के विकास के लिए नहीं पैदा हुआ है, बल्कि स्वयं के विकास के लिए पैदा हुआ है।

16- मैं रात भर इसलिये जागता हूं क्योंकि मेरा समाज सो रहा है।

17- उदासीनता लोगों को प्रभावित करने वाली सबसे खराब किस्म की बीमारी है।

18- गुलाम बन कर जिओगे, तो कुत्ता समझ कर लात मारेगी ये दुनिया, नवाब बन कर जिओगे तो शेर समझ कर सलाम ठोकेगी।

Dr Br Ambedkar Quotes in Hindi

19- एक इतिहासकार, सटीक, ईमानदार और निष्पक्ष होना चाहिए।

20- न्याय हमेशा समानता के विचार को पैदा करता है।

21- हर व्यक्ति जो ‘मिल’ के सिद्धांत कि ‘एक देश दूसरे देश पर शासन नहीं कर सकता’ को दोहराता है उसे ये भी स्वीकार करना चाहिए कि एक वर्ग दूसरे वर्ग पर शासन नहीं कर सकता।

22- एक सुरक्षित सेना एक सुरक्षित सीमा से बेहतर है।

23- मैं किसी समुदाय की प्रगति को महिलाओं ने जो प्रगति हांसिल की है उससे मापता हूं।

24- एक महान आदमी एक आम आदमी से इस तरह से अलग है कि वह समाज का सेवक बनने को तैयार रहता है।

25- मैं राजनीति में सुख भोगने नहीं बल्कि अपने सभी दबे-कुचले भाईयों को उनके अधिकार दिलाने आया हूं।

26- मेरे नाम की जय-जयकार करने से अच्छा है, मेरे बताए हुए रास्ते पर चलें।

27- इतिहास गवाह है कि जहां नैतिकता और अर्थशाश्त्र के बीच संघर्ष होता है, वहां जीत हमेशा अर्थशाश्त्र की होती है। निहित स्वार्थों को तब तक स्वेच्छा से नहीं छोड़ा गया है जब तक कि मजबूर करने के लिए पर्याप्त बल ना लगाया गया हो।

28- धर्म मनुष्य के लिए बना है न कि मनुष्य धर्म के लिए।

29- हिंदू धर्म में, विवेक, कारण, और स्वतंत्र सोच के विकास के लिए कोई गुंजाइश नहीं है।

30- देश के विकास के लिए नौजवानों को आगे आना चाहियें।

31- जो धर्म स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व सिखाता है, वही सच्चा धर्म है।

32- वैधानिक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं हैं जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता प्राप्त नहीं कर लेते।

33- मन का संवर्धन मानव अस्तित्व का अंतिम उद्देश्य होना चाहिए।

34- यदि हम आधुनिक विकसित भारत चाहते हैं तो सभी धर्मों को एक होना पड़ेगा।

35- संविधान केवल वकीलों का दस्‍तावेज नहीं है बल्कि यह जीवन का एक माध्‍यम है।

36- समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत के रूप में स्वीकार करना होगा।

37- हमें अपने पैरों पर खड़े होना है, अपने अधिकार के लिए लड़ना है, तो अपनी ताकत और बल को पहचानो। क्योंकि शक्ति और प्रतिष्ठा संघर्ष से ही मिलती है।

38- यदि हम एक संयुक्त एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं तो सभी धर्म-शास्त्रों की संप्रभुता का अंत होना चाहिए।

39- यदि मुझे लगा कि संविधान का दुरूपयोग किया जा रहा है, तो मैं इसे सबसे पहले जलाऊंगा।

40- कानून और व्यवस्‍‍था राजनीतिक शरीर की दवा है और जब राजनीतिक शरीर बीमार पड़े तो दवा जरूर दी जानी चाहिए। – Dr Br Ambedkar

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