Bhagat Singh Shayari

मेरे जज्बातों से मेरा कलम इस कदर वाकिफ हो जाता हैं, मैं इश्क भी लिखना चाहूँ तो इन्कलाब लिखा जाता हैं. जय हिन्द शहीदों…

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Amitabh Bachchan Shayari

इस जग में जितने जुल्म नही, उतने सहने की ताकत है, तानो के शोर में भी रहकर, सच कहने की आदत है आज भी…

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Bhulna Shayari

जब हालात बदलते हैं तो कुछ लोग ना चाहकर भी हमें भूल जाते है। उनकी खातिर हमने क्या-क्या नहीं किया जब हमें उनकी जरुरत…

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