25 Best Bollywood Shayari

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काटे नहीं कटते लम्हे इंतज़ार के, नजरें बिछाए बैठे हैं रस्ते पे यार के, दिल ने कहा देखे जो जलवे हुस्न-ए-यार के, लाया है उन्हें कौन फलक से उतार के।

मैं और मेरी तन्हाई , अक्सर यह बातें करते हैं , तुम होती तो कैसा होता , तुम ये कहती , तुम वो कहती , तुम इस बात पे हैरान होती , तुम उस बात पे कितनी हंसती , तुम होती तो ऐसा होता , तुम होती तो वैसा होता , मैं और मेरी तन्हाई

आरजू झूठ है, आरजू का फरेब खाना नहीं, खुश जो रहना हो जिंदगी में तुम्हें, दिल कभी किसी से लगाना नहीं।

फूल खिलते हैं बहारों का समा होता है, ऐसे मौसम में ही तो प्यार जवां होता है, दिल की बातों को होठों से नहीं कहते, ये फ़साना तो निगाहों से बयाँ होता है।

क्यूँ बनाती हो तुम रेत के महल, जिसे खुद ही तोड़ डालोगी तुम, आज कहती हो इस दिलजले से प्यार है तुम्हें, कल को मेरा नाम तक भूल जोगी तुम।

एक पल में जो आकर गुजर जाये, ये हवा का वो झोका है और कुछ नहीं, प्यार कहती है दुनिया जिसे, एक रंगीन धोखा है और कुछ नहीं।

सारे जहां का दर्द समेट कर, जब कुछ न बन सका तो, उसने तुम्हारी यह दो आँखें बना दी।

नसीब अच्छे ना हुआ तो खूबसूरती का क्या फ़ायदा दिलों के शहंशा अक्सर फकीर हुआ करते हैं।

अपने हिस्से की जिंदगी तो हम जी चुके चुन्नी बाबू, अब तो बस धडकनों का लिहाज़ करते हैं, क्या कहें इन दुनिया वालों को जो, आखिरी सांस पर भी ऐतराज़ करते हैं।

एक तरफा प्यार की ताकत ही कुछ और होती है, और रिश्तों की तरह ये दो लोगों में नही बंटती, इसमे सिर्फ मेरा हक है।

दिल से हमे भुलाओगे कैसे, हम वो खुशबू हैं जो साँसों में बसते हैं, ख़ुद की साँसों को रोक पाओगे कैसे।

बैठी हैं होंठो को सीकर पछतायेंगी आप, इश्क़ अक्सर जाग उठता है ऐसी ख़ामोशी के बाद।

दीवाने है आपके इस बात से इंकार नहीं, कैसे कहें कि हमें आपसे प्यार नही, कुछ तो कसूर है आपकी अदाओं का अकेले हम ही गुनेहगार नहीं।

वो आग ही क्या जो लग के बढ़े नहीं, वो नशा ही क्या जो सर पे चढ़े ही नहीं, नहीं बनता तब तक कोई सच्चा आशिक़, जब तक इश्क़ में उसकों दो चार पड़े नहीं।

गर्मी-ए-हसरत-ए-नाकाम से जल जाते हैं, हम चिरागों की तरह शाम से जल जाते हैं, शमा जिस आग में जलती है नुमाइश के लिए, हम उसी आग में गुमनाम से जल जाते हैं, जब भी आता है तेरा नाम मेरे नाम के साथ, जाने क्यूँ लोग मेरे नाम से जल जाते हैं।

अपने हिस्से की जिंदगी तो हम जी चुके चुन्नी बाबू, अब तो बस धडकनों का लिहाज़ करते हैं, क्या कहें इन दुनिया वालों को जो, आखिरी सांस पर भी ऐतराज़ करते हैं।

बेख़ुदी की जिन्दगी हम जिया नही करते, जाम दूसरों के हाथों से छीनकर पिया नही करते, उनको मोहब्बत हैं तो आकर इजहार करें, पीछा हम भी किसी का किया नही करते।

दर्द से आँखे चार कर लेंगे, हम भी इम्तिहान दे देंगे, तेरी दोस्ती के खातिर ऐ दोस्त हम दुश्मनों से भी प्यार कर लेंगे।

आंखे तो प्यार में, दिल की जुबान होती हैं, सच्ची चाहत तो सदा बेजुबान होती हैं, प्यार में दर्द भी मिले तो क्या घबराना, सुना है दर्द से चाहत और जवां होती हैं।

बस अब एक हाँ के इंतज़ार में रात यूँही गुज़र जायेगी, अब तो बस उलझन है साथ मेरे नींद कहाँ आएगी, सुबह की किरण न जाने कौनसा सन्देश लाएगी, रिमझिम इस गुंगुनायेगी या प्यास अधूरी रह जायेगी

रोने दे तू आज हमको तू आँखे सुजाने दे, बाहों में लेले और खुद को भीग जाने दे. है जो सीने में क़ैद दरिया वह छूट जायेगा, है इतना दर्द कि तेरा दामन भीग जायेगा।

सौ अंधेरों में भी रोशन हो उस हक़ीक़त की तलाश है तेरी दहलीज़ पर छोड़ आए उस मोहब्बत की तलाश है झुके तो इबादात समझे जमाने वाले मिटने पे जो हासिल हो उस ज़नत की तलाश है।

आंखे तो प्यार में, दिल की जुबान होती हैं, सच्ची चाहत तो सदा बेजुबान होती हैं, प्यार में दर्द भी मिले तो क्या घबराना, सुना है दर्द से चाहत और जवां होती हैं।

भूल करके अगर हमसे कोई भूल हुई हो, तो भूल समझकर भुला देना, लेकिन भूलना सिर्फ भूल को, गलती से भी हमें न भुला देना।

फलक के तीर का क्या देख निशाना था, उधर थी बिजली इधर मेरा आशियाना था, पहुँच रही थी किनारे पे कश्ती-ए-उम्मीद, उस ही वक्त इस तूफ़ान को भी आना था।

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