Bhulna Shayari

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जब हालात बदलते हैं तो कुछ लोग ना चाहकर भी हमें भूल जाते है।

उनकी खातिर हमने क्या-क्या नहीं किया जब हमें उनकी जरुरत पड़ी तो उन्होंने एक पल में ही हमें भुला दिया।

भूल गए वो दिन जब तुम्हारे साथ कोई नहीं था तब मैं था, आज मैं तुम्हारे लिए अनजान और ये शक्श तुम्हारे लिए अपना हो गया।

जब अपना मतलब ख़त्म हो जाता हैं तब अक्सर लोग हमें भूलना शुरू कर देते है ।

उन दर्दो को भुला पाना बहुत मुश्किल होता है जो दर्द हमारे किसी अपने ने दिए होते हैं।

इतने साल तुम्हे अपनी जान से भी बढ़कर चाहा हैं और तुम कह रही हो की तुम्हे भूल जाऊ।

वक्त के साथ-साथ इंसान भी बदल जाते हैं ये बस सुना था आज तूने मुझे इस सच से भी वाकिफ करा दिया।

जिंदगी में एक दोस्त सबको ऐसा मिले जिसके साथ हम बैठे और अपने सभी गमो को भूल जाये।

अब वो हमें भूलने लगे है, लगता हैं हमें छोड़ वो अब किसी और को चाहने लगे है।

जब बुरा वक़्त आता हैं तो कुछ अपने भी हमें भूल जाते है।

अब तो शायद भूल गए होंगे वो हमें, मुझे छोड़ अब किसी और को अपने झूठे वादों में फसा रहे होंगे वो।

इस दिल को अब तुझे भुला पाना बहुत मुश्किल होगा अब इसका बस तुझसे ही नाता हैं।

भूल गए हैं वो हमें क्योंकि अब उनका मन भर चूका है हमसे।

तेरी हर गलती को मैं भुला दिया करता था मैं , तुझ पर आँख मूंद कर भरोशा करता था मैं, मुझे क्या पता की तू एक दिन मुझे भूल जाएगी वरना तुझे कभी खुद से भी ज्यादा ना चाहता मैं।

रख सको तो एक निशानी है हम, भूल जाओ तो एक कहानी है हम, ख़ुशी की धुप हो या गम के बादल, दोनों में जो बरसे वो पानी है हम।

भुला कर हर भूल सब भूल जाओ तुम भूल कर भी ना भूल सके ऐसे दोस्त बनाओ तुम।

बड़ी मुश्किल से मिलते हैं चाहने वाले, क्यों भूल जाते हैं ये नफरत करने वाले।

हमसे पूछो क्या होता है पल-पल बिताना, बहुत मुश्किल होता है दिल को समझाना, यार जिन्दगी तो बीत जायेगी, बस मुश्किल होता है कुछ लोगो को भूल पाना।

आपकी धड़कन से है रिश्ता हमारा, आपकी सांसो से है नाता हमारा, भूल कर भी कभी भूल न जाना, आपकी यादों के सहारे है जीना हमारा।

किसी को भूला देना अगर आसान होता तो, हम तो पहले अपने दिल के दर्द को ही भूला देता।

भूलना चाहे जिसे दिल वही क्यूँ याद आये, लाख कोशिशें करें हम फिर भी भूल ना पायें।

हर भूल तेरी माफ़ की, हर खता को तेरी भुला दिया, गम है कि मेरे प्यार का, तूने बेवफ़ा बनके सिला दिया।

नज़रे झुका कर तुम हमे ये बता रहे हो की धीरे धीरे आप हमे भी अपनी यादों से भुला रहे हो।

जख्म पे और जख्म देकर मुझे और रुलाओगे, मेरे हालत देखकर लगता है तुम भी मुझे भूल जाओगे।

सोचा था इस कदर उनको भूल जायेंगे, देखकर भी अनदेखा कर जायेंगे, पर जब-जब सामने आया उनका चेहरा सोचा एक बार देखले, अगली बार भूल जायेंगे।

ये वादा है हमारा ना छोड़ेंगे साथ तुम्हारा, जो गये तुम हमको भूल कर ले आयेंगे पकड़ कर हाथ तुम्हारा।

भगवान नहीं हूँ में जो लोगो को हमेशा याद आऊंगा इंसान हूँ कुछ देर तो याद रखूंगा फिर में भी भूल जाऊंगा।

जो हर लम्हा हमारी यादो में आते हैं, वही लोग अक्सर हमें भूल जाते हैं ।

जिनको गैर नहीं अपना समझ कर अपना बनाते है वो लोग ही बगैर सोचे हमे भूल जाते है।

कुछ लोग बड़े कमीने होते अपना अपना कह कर पास तो बड़े आते है पर थोड़ा वक्त निकलते ही अपनों को भूल जाते है।

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