शुभ प्रभात भगवान रविवार सन्देश

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जगत के परम सत्ता परब्रहम परमेश्वर , शांति स्थापित करे | तीनो लोको में , जल में, धरती में और आकाश में अन्तरिक्ष में, अग्नि में , पवन में, औषधि में , वनस्पति वन में , उपवन में सम्पूर्ण विश्व में अवचेतन मे शांति करे | जीवमात्र के ह्रदय में , मुझमे , तुझमे शांति | जगत के कण कण में ,

एहि सूर्य! सहस्त्रांशो! तेजो राशे! जगत्पते! अनुकम्प्यं मां भक्त्या गृहाणार्घ्य दिवाकर! अर्थ- हे सहस्त्रांशो! हे तेजो राशे! हे जगत्पते!

मुझ पर अनुकंपा करें। मेरे द्वारा श्रद्धा-भक्तिपूर्वक दिए गए इस अर्घ्य को स्वीकार कीजिए, आपको बारंबार शीश नवाता हूं।

ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्षँ शान्ति:, पृथ्वी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति:। वनस्पतय: शान्तिर्विश्वे देवा: शान्तिर्ब्रह्म शान्ति:, सर्वँ शान्ति:, शान्तिरेव शान्ति:, सा मा शान्तिरेधि॥ ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति:

ॐ सूर्याय नम: 🌹 रविवार की शुभ कामनाएं। “भास्कर की तेज ऊर्जा के संग, ओम का उच्चारण सुनाई देता है, सभी श्लोक और मंत्रों का उच्चारण ओम शब्द से ही शुरू होता है… NASA ने इस ध्वनि को सारे संसार को अब है बताया, ऋषि-मुनियों ने पहले से ही वेदों के द्वारा अवगत था कराया

शुभ प्रभात शुभ रविवार हे! सूर्य देव, मेरे अपनो को यह पैगाम देना; खुशियों का दिन, हँसी की शाम देना; जब कोई पढे प्यार से, मेरे इस पैगाम को; तो उन को चेहरे पर, प्यारी सी मुस्कान देना। 🌹 रविवार को भास्कर पर जिसने जल है चढ़ाया, दिनकर की कृपा के साथ-साथ उस मनुष्य ने निरोगी शरीर भी पाया।”

विवार के दिन दिनकर का करें ध्यान, सूर्य को जल चढ़ाकर रवि को करे प्रणाम प्रत्यक्ष देव के रूप में श्री मार्तंड है विद्यमान… दिनेश के उदय होने से सभी जीव जंतुओं में पड़ते हैं प्राण।

पृथ्वी जिस के गिर्द घूमती हैं, रविवार आदित्य का दिन आया है, भानु को जल अर्पण व नमस्कार करना समृद्धि को भारतीय संस्कृति ने सिखाया है… भास्कर की गुरुत्वाकर्षण शक्ति के कारण समस्त ग्रह इसकी तरफ खिंचे रहते हैं, प्रभाकर की ऊर्जा पेड़, पौधे, समुद्र ,सोख लेते हैं। दिनेश की ऊर्जा पानी को भाप बनाने में काम आती है, इसलिए दिवाकर की नर्म धूप सर्दियों में खूब भाती है।

सूर्य से ही इस पृथ्वी पर जीवन है, वैदिक काल से ही भारत में सूर्योपासना का प्रचलन है। ज्योतिष शास्त्र में नव ग्रहों में सूर्य को राजा का पद प्राप्त है, सूर्य सर्व प्रकाशक, सर्व कल्याणकारी, सूर्य भगवान का नेत्र है। रविवार को समृद्धि करती भास्कर को नमस्कार है, इन्हीं के द्वारा दिन-रात सृजन होता है, यही सारे जग का आधार है। रविवार को सूर्य पर जल चढ़ाएं, उस जल से रवि के दर्शन करके आंखों की रोशनी बढ़ाएं।

ऊँ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान। जगत् के नेत्र स्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा। धरत सब ही तव ध्यान, ऊँ जय सूर्य भगवान॥ ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान

आया रविवार सूर्य देव का वार, दर्शन अवश्य करें सभी मेरे यार। – सुप्रभात शुभ रविवार।

आपकी नई सुबह इतनी सुहानी हो जाए, आपके दुःखों की सारी बातें पुरानी हो जाएं, दे जाए इतनी खुशियां ये दिन आपको, कि खुशी भी आपकी मुस्कुराहट की दीवानी हो जाए।

इंसान ज़िन्दगी में बहुत कुछ सीखता है लेकिन जब तक दूसरों से प्यार करना, दूसरों को माफ़ करना और दूसरों कि इज्ज़त करना नहीं सीख जाता तो समझना कुछ नहीं सीख पाता। – शुभ रविवार

हो गया सुबह लिये सुहाना मौसम, उठकर देखो बाहर, पर मुझे डिस्टर्ब मत करना क्यूकी मै सो रहा हू यार। – शुभ रविवार

गता हुआ सुरज दुआ दे आपको, खीलता हुआ फुल खुशबू दे आपको, जी भरके आनंद ले रविवार का ये खुशीया हजार आपको। – शुभ रविवार

सारथी अरूण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी। तुम चार भुजाधारी॥ अश्व हैं सात तुम्हारे, कोटी किरण पसारे। तुम हो देव महान॥ ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान…॥

ऊषाकाल में जब तुम, उदयाचल आते। सब तब दर्शन पाते॥ फैलाते उजियारा, जागता तब जग सारा। करे सब तब गुणगान॥ ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान

संध्या में भुवनेश्वर अस्ताचल जाते। गोधन तब घर आते॥ गोधुली बेला में, हर घर हर आंगन में। हो तव महिमा गान॥ ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान

तुम हो त्रिकाल रचियता, तुम जग के आधार। महिमा तब अपरम्पार॥ प्राणों का सिंचन करके भक्तों को अपने देते। बल बृद्धि और ज्ञान॥

देव दनुज नर नारी, ऋषि मुनिवर भजते। आदित्य हृदय जपते॥ स्त्रोत ये मंगलकारी, इसकी है रचना न्यारी। दे नव जीवनदान॥ ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान…॥

पूजन करती दिशाएं, पूजे दश दिक्पाल। तुम भुवनों के प्रतिपाल॥ ऋतुएं तुम्हारी दासी, तुम शाश्वत अविनाशी। शुभकारी अंशुमान॥ ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान

ऊँ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान। जगत के नेत्र रूवरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा॥ धरत सब ही तव ध्यान, ऊँ जय सूर्य भगवान॥

जो रोये है उन्हे हसाना है जो रुठे है उन्हे मनाना है, जो बिछ्ङे है उन्हे मिलाना है, प्यारी सुबह तुम जब भी आना, सब के लिये बस खुशियाँ ही लाना।

रात आती हैं सितारे लेकर, निंद आती हैं सपने लेकर, हमारी दुआ हैं आज की सुबह आये आपके लिये बहुत सारी ख़ुशियाँ लेकर। – ऊँ जय सूर्य भगवान

बह ऊठते ही चेहरे पर मुस्कान रहे, हर एक दुख से आप कोसो दुर रहें, महक उठे आपकी जिंदगी, ऐसा शुभ दिन आप का आज रहे। – ऊँ जय सूर्य भगवान

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