34+ वफ़ा शायरी इमेज सहित 2021

34+ वफ़ा शायरी इमेज सहित 2021
वफ़ा शायरी
वफ़ा शायरी

1- मुश्किल है इस गम को रफा-दफा करना, गलती जानलेवा थी तुझसे वफ़ा करना।

वफ़ा शायरी हिंदी में

2- गाली के बदले गाली मिली, हसरत के बदले में हसरत, ना मोहोब्बत के बदले मोहोब्बत मिली, पर मिली नफरत के बदले बस नफरत।

वफ़ा शायरी इमेज
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3- ऐसी कोई रूह नहीं जो खफा नहीं मिलती, सिर्फ मुझे क्या किसी को यहाँ सच्ची वफ़ा नहीं मिलती।

दर्द वफ़ा शायरी

4- वफ़ा नहीं इसे गुनाह कहिए जनाब, जिसने की है बस सजा पाई है।

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5- वफ़ा का आलम यूँ है की सब अब बस दगा देते हैं, एक से रिश्ता टूटा नहीं की दूजे से दिल लगा लेते हैं।

wafa shayari 2 line
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6- मोहोब्बत बेफिज़ूल है साहब आज कल लोग नफरत का रिश्ता बेहतर निभाते हैं।

महोब्बत वफ़ा शायरी
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7- कितनी भी सच्ची मोहब्बत कर लो, वफा का लोग साथ छोड़ ही देते है।

वफ़ा २ लाइन शायरी

8- हर मोहोब्बत की कहानी का यहाँ अंजाम खराब है, यूँ ही नहीं वफ़ा का नाम खराब है।

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9- वफ़ा की उम्मीद क्या करें ज़माने से, की खरीदें जाते है यहाँ ईमान चार आने से।

wafa shayari in hindi
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10- रिश्ता लाश हो गया पर वफ़ा आज भी ज़िंदा है, जिस्म की मोहोब्बत में रूह शर्मिंदा है।

11- ना सही से वफ़ा मिली ना दूरी मिली, मुझे मोहोब्बत भी मिली तो अधूरी मिली।

12- मसला-ऐ-दिल था भला जुबां क्या करती, मरीज़-ऐ मोहोब्बत थे भला दवा क्या करती।

13- ऐ पत्थर दिल वफ़ा तेरी रग-रग में है, इतनी सच्चाई तेरी मोहोब्बत में नहीं थी जितनी तेरी नफरत में है।

14- ना यकीन तुझ पर रहा ना तेरी वफ़ा पर रहा, ना खुद पर रहा ना खुदा पर रहा।

15- सच गंदे लगते हैं आज कल झूठ में सफाई मिलती है, मोहोब्बत की मिसालें अब क्या दे साहब हर जगह बस बेवफाई दिखती है।

16- तुझसे मोहोब्बत के बाद अब वफ़ा से भरोसा उठ गया है मेरा, कसम खुदा की दिल बैठ गया है मेरा।

17- मोहोब्बत ना कर सको तो दवा मत किया करो, नफरत है तो सरे-आम कहो यूँ झूठी वफ़ा का दिखावा मत किया करो।

18- उनकी वफ़ा के अब क्या किस्से सुनाऊँ वो क़रीब मेरे बैठे थे पर नज़दीकियां किसी और से बनाए हुए थे।

19- जैसे एक पल भी ना सोचा तूने मुझे भुलाने से पहले, तेरी यादें भी एक दफा नहीं सोचती मुझे रुलाने से पहले।

wafa shayari rekhta
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20- जिस्म है जान निकल चुकी है, रात हो चुकी है शाम ढल चुकी है।

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21- यादें आती है तेरी रोज़ मुझे तबाह करने को, देखते हैं अब आखिर कब तक जिएंगे।

22- वाह मौसम तेरी वफ़ा पे आज दिल खुश हो गया, याद-ऐ-यार मुझे आई और बरस तू पड़ा।

23- कभी तू थी क़रीब आज तन्हाई के साथ हूँ, कभी तेरा हाथ था हाथों में आज खुद तबाही के हाथ हूँ ,

24- तुझे ही नफ़रत हो गई हमसे हम तो आज भी तुझ से वफ़ा करते हैं।

25- तेरे जाने के बाद खुद से मिलने का वक़्त मिल गया, तू ना मिली तो क्या हुआ इसी बहाने सबक मिल गया।

26- मोहोब्बत हम दोनों ने बराबर की थी, फ़र्क़ सिर्फ इतना सा था हमने दिल से की थी उन्होंने जुबां पर की थी।

27- बेवफा तेरी आदत लगा कर मैंने शराब छोड़ दी पर ज़हर पीना सीख लिया।

28- बेवफाई की सजा होती, तो नाजाने कितने कैदियों की उम्र कैद की ये वजह होती।

29- बदनाम करने के लिए किस्से काफी है मेरे पास पर चल छोड़ मोहोब्बत-ऐ-गुनाह मैंने किया है सजा तुझे क्या दूँ।

30- बेवफ़ाओं की महफ़िल लगेगी ऐ दिल-ए-जाना, आज ज़रा वक़्त पर आना मेहमान-ए-ख़ास हो तुम।

31- मोहोब्बत उसकी जगह अगर खुद से की होती तो अकेला पन ज़रूर होता पर ये दर्द नहीं।

32- बैठा हूँ आज कुछ रिश्तों का हिसाब करने, अगर वफाओं में तुझे रख दिया तो बाकी रिश्ते नाराज़ हो जेएंगे।

33- खेल जानलेवा मोहोब्बत दिल दाव पर लग गया, अब हम नीलाम ना होते तो फिर क्या होते।

34- छोड़ नहीं पाता तुझे चाहकर भी चाहना मैं, याद कर ही लेता हूँ आज भी गुज़रा ज़माना मैं।

35- अनजान था मैं बेवफाई की गलियों से लेकिन आखिर तेरे चेहरे ने हमे वो मंज़र भी दिखा दिया।

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